1️⃣ विभक्ति सारणी (संज्ञा / सर्वनाम) ⭐⭐⭐
(क) राम शब्द (पुंलिंग – अकारांत)
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | रामः | रामौ | रामाः |
| द्वितीया | रामम् | रामौ | रामान् |
| तृतीया | रामेण | रामाभ्याम् | रामैः |
| चतुर्थी | रामाय | रामाभ्याम् | रामेभ्यः |
| पंचमी | रामात् | रामाभ्याम् | रामेभ्यः |
| षष्ठी | रामस्य | रामयोः | रामाणाम् |
| सप्तमी | रामे | रामयोः | रामेषु |
| संबोधन | हे राम | हे रामौ | हे रामाः |
(ख) सीता शब्द (स्त्रीलिंग – आकारांत)
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | सीता | सीते | सीताः |
| द्वितीया | सीताम् | सीते | सीताः |
| तृतीया | सीतया | सीताभ्याम् | सीताभिः |
| चतुर्थी | सीतायै | सीताभ्याम् | सीताभ्यः |
| पंचमी | सीतायाः | सीताभ्याम् | सीताभ्यः |
| षष्ठी | सीतायाः | सीतयोः | सीतानाम् |
| सप्तमी | सीतायाम् | सीतयोः | सीतासु |
| संबोधन | हे सीते | हे सीते | हे सीताः |
(ग) फल शब्द (नपुंसकलिंग – अकारांत)
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | फलम् | फले | फलानि |
| द्वितीया | फलम् | फले | फलानि |
| तृतीया | फलेन | फलाभ्याम् | फलैः |
| चतुर्थी | फलाय | फलाभ्याम् | फलेभ्यः |
| पंचमी | फलात् | फलाभ्याम् | फलेभ्यः |
| षष्ठी | फलस्य | फलयोः | फलानाम् |
| सप्तमी | फले | फलयोः | फलेषु |
| संबोधन | हे फल | हे फले | हे फलानि |
📌 नोट: ये तीनों सबसे ज़्यादा पूछे जाते हैं।
2️⃣ सर्वनाम सारणी (अति महत्वपूर्ण) ⭐⭐⭐
(क) तत् शब्द (पुंलिंग – प्रथमा)
| एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|
| सः | तौ | ते |
(ख) तत् शब्द (स्त्रीलिंग)
| एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|
| सा | ते | ताः |
(ग) तत् शब्द (नपुंसकलिंग)
| एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|
| तत् | ते | तानि |
3️⃣ धातु रूप (लकार सारणी) ⭐⭐⭐
(क) लट् लकार (वर्तमान काल) – पठ्
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | पठति | पठतः | पठन्ति |
| मध्यम | पठसि | पठथः | पठथ |
| उत्तम | पठामि | पठावः | पठामः |
4️⃣ लृट् लकार (भविष्यत् काल)
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | पठिष्यति | पठिष्यतः | पठिष्यन्ति |
| मध्यम | पठिष्यसि | पठिष्यथः | पठिष्यथ |
| उत्तम | पठिष्यामि | पठिष्यावः | पठिष्यामः |
5️⃣ अव्यय सारणी (रटने योग्य) ⭐⭐
| प्रकार | अव्यय |
|---|---|
| कालवाचक | अद्य, ह्यः, श्वः |
| स्थानवाचक | अत्र, तत्र, सर्वत्र |
| निपात | च, अपि, एव, तु |
6️⃣ कर्तृ – कर्म – कृत वाच्य पहचान तालिका ⭐⭐
| वाच्य | पहचान |
|---|---|
| कर्तृवाच्य | कर्ता प्रधान |
| कर्मवाच्य | कर्म प्रधान |
| कृतवाच्य | कर्ता नहीं |
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मैं कर्मवाच्य और कृतवाच्य (कृत-कर्म / कृत प्रयोग) को बिल्कुल बेसिक से, उदाहरणों + पहचान + परिवर्तन के साथ समझा रही हूँ। यह कक्षा 10 और प्रतियोगी परीक्षाओं—दोनों के लिए काम आएगा।
1️⃣ कर्मवाच्य (Karmavācya) — विस्तार से
🔹 परिभाषा
👉 जिस वाक्य में कर्म प्रधान हो और कर्ता “करण कारक (के द्वारा)” में हो, उसे कर्मवाच्य कहते हैं।
सूत्र याद रखें
कर्ता (तृतीया) + कर्म (प्रथमा) + तिङ् क्रिया = कर्मवाच्य
🔹 उदाहरण समझिए
कर्तृवाच्य
रामः पुस्तकं पठति।
(राम पुस्तक पढ़ता है।)
कर्मवाच्य
रामेण पुस्तकं पठ्यते।
(राम के द्वारा पुस्तक पढ़ी जाती है।)
यहाँ क्या बदला?
- रामः (कर्ता) → रामेण (करण कारक)
- पुस्तकं (कर्म) → पुस्तकं (प्रथमा में आकर प्रधान)
- पठति → पठ्यते (आत्मनेपद / कर्मवाच्य रूप)
🔹 कर्मवाच्य की पहचान (Exam Trick ⭐)
✔️ वाक्य में “ण/ते/न्ते” जैसे रूप
✔️ के द्वारा / द्वारा का भाव
✔️ कर्ता तृतीया विभक्ति में
🔹 और उदाहरण
- बालकेन फलम् खाद्यते।
- शिक्षकेण पाठः लिख्यते।
- मातृणा भोजनं पच्यते।
2️⃣ कृतवाच्य / कृत-प्रयोग (Kṛt Vācya) — विस्तार से
इसे कई किताबों में भाववाच्य / कृत प्रयोग भी कहा जाता है
🔹 परिभाषा
👉 जिस वाक्य में कर्ता का बिल्कुल उल्लेख न हो और केवल कार्य का परिणाम बताया जाए, उसे कृतवाच्य कहते हैं।
✔️ यहाँ केवल “कार्य हो गया” का भाव होता है
✔️ कर्ता पूरी तरह गायब रहता है
🔹 कृतवाच्य कैसे बनता है?
👉 कृदन्त (क्त, क्तवतु, तुमुन् आदि) से
सबसे ज़्यादा प्रयोग: क्त प्रत्यय
🔹 उदाहरण समझिए
कर्तृवाच्य
रामः भोजनं करोति।
कर्मवाच्य
रामेण भोजनं क्रियते।
कृतवाच्य
भोजनं कृतम्।
(भोजन किया गया।)
📌 यहाँ:
- किसने किया? ❌ नहीं बताया
- केवल कार्य पूर्ण हुआ ✔️
🔹 और उदाहरण
- पुस्तकं पठितम्।
- पत्रं लिखितम्।
- कार्यं समाप्तम्।
- गृहं निर्मितम्।
3️⃣ कर्मवाच्य बनाम कृतवाच्य — स्पष्ट अंतर
| बिंदु | कर्मवाच्य | कृतवाच्य |
|---|---|---|
| कर्ता | होता है (तृतीया में) | नहीं होता |
| कर्म | प्रधान | प्रधान |
| क्रिया | तिङ् प्रत्यय | कृदन्त (क्त) |
| उदाहरण | रामेण कार्यं कृतम् | कार्यं कृतम् |
4️⃣ तीनों वाच्यों का एक साथ उदाहरण (बहुत जरूरी ⭐⭐⭐)
| वाच्य | वाक्य |
|---|---|
| कर्तृवाच्य | रामः पत्रं लिखति। |
| कर्मवाच्य | रामेण पत्रं लिख्यते। |
| कृतवाच्य | पत्रं लिखितम्। |
👉 अगर यह टेबल समझ आ गई, तो पूरा टॉपिक क्लियर ✔️
5️⃣ परीक्षा में पूछे जाने वाले सवाल कैसे आते हैं?
Q1. वाच्य पहचानिए
👉 कार्यं कृतम्।
✔️ उत्तर: कृतवाच्य
Q2. कर्मवाच्य में बदलिए
👉 रामः पाठं पठति।
✔️ रामेण पाठः पठ्यते।
Q3. कृतवाच्य में बदलिए
👉 रामेण पाठः पठ्यते।
✔️ पाठः पठितः।
✨ सुपर ट्रिक (याद रखने के लिए)
- “के द्वारा” दिखे → कर्मवाच्य
- कर्ता गायब → कृतवाच्य
- क्त / तम् / तः → कृतवाच्य का शक